Tuesday, May 8, 2012

"शाइनिंग भारत"

बारदाने की कमी को लेकर म.प्र और केंद्र सरकार के बीच वाकयुद्ध जारी है, और किसान आत्महत्या को मजबूर। भण्डारण की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण पूर्व मानसून की वर्षा से अनाज भीग रहा है .यथावत स्थिति रहने पर अनाज सढना शुरू हो जायेगा और आत्महत्या का आकडा. बढ़ना भी .कर्ज का बोझ , नई फसल की चाह,उचित
 भण्डारण की चिंता,सरकार द्वारा समय पर खरीदी की गुहार,मौसम की बेरुखी जैसी अनगिनत परेशानियाँ एक
के बाद एक किसानों की कमर तोड़ कर रख देती है प्रश्न ये है कि क्या बारदानों की व्यवस्था करना राज्य और
केंद्र सरकार के लिए इतना मुश्किल है कि वे इस पर आरोप-प्रत्यारोप तो कर सकते हैं पर समाधान नहीं कर
सकते .क्या यही "शाइनिंग भारत" की असल तस्वीर है क्या कुछ लाख बोरे भारत के किसानों की तकदीर लिखेंगे

No comments:

Post a Comment