Tuesday, March 3, 2015

प्रश्न -( पुरुस्कृत - लघु कथा -17)


नवरात्रि पूजन के कन्याभोज में सदा पीटने वाले हाथों ने जब माँ दुर्गा का रूप मान रमा को लाल चुनरी, चुड़ी ,मेहंदी और माँग टीके से सुहागन सा श्रृंगारित कर चरण पखारे और कोसती रहने वाली जुबान से सदा सुहागन होने का वरदान माँगा तो रमा के हाथ बरबस ही जुड़ गए । बंद आँखों से हृदय की पीड़ा मुखरित हो माँ दुर्गा से प्रश्न कर बैठी -" हे माँ ! तूने कन्यावतार सिर्फ नौ दिन ही क्यों रखा ?"
(शशि)

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