Tuesday, April 14, 2015

मेनका ( लघुकथा - 35)

" यार ! तुझे नहीं लगता जब से नई सेक्रेटरी आई है, बॉस की चाल - ढाल ही बदल गई है ।" 
" हूँ , वह भी तो " शॉर्ट कट "पकड़ी हुई है ।"
" हाँ यार ! मेनका मात्र एक छलावा है , विश्वामित्र तक भी कहाँ समझ पाये थे ? "
( शशि )

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