" नीरू ! क्या हमारे दाम्पत्य में इतनी दूरी आ गई है , कि अब तुम्हे तस्वीरों में भी मेरा साथ गवारा नहीं ? "
" हम साथ थे ही कब ? बस कोरा भ्रम था । "
" हमारे बच्चे ...? क्या इन्हें भी भ्रम कहोगी ? "
" नहीं ...। तब मुझे हमारे बीच तीसरे की उपस्थिति का भान नहीं था । "
" लौट भी तो आया हूँ , चाहो तो गाँठ बाँध के रख लो , ताकि फिर कभी ...।"
" गाँठ तो तब भी बाँधी गई थी न , जब हमने सप्तपदी ली थी ? "
मौलिक एवं अप्रकाशित ।
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