धुप सेंकती दो औरतों ने बातों बातों में हमउम्र बेटे बेटी का रिश्ता तय कर दिया बिना ये सोचे कि वहाँ वह लड़की भी बैठी सब सुन रही है जिसने अभी सोलह वसंत भी पुरे नहीं किये थे । जिसके सपने अभी कच्चे थे जहाँ सपनों का राजकुमार तो था पर अक्स नहीं था ।अनजाने ही उन्होंने उसे शक्ल दे दी थी ।उसने उस लड़के के इर्द गिर्द अपनी नई दुनिया बसा ली ।
वह सिर्फ टाइम पास बातें थी जो आई गई हो गई ।पर लड़की के कोरे हृदय परअमिट छाप छोड़ गईं ।लड़की की मर्यादा उसे इस सबसे बेखबर लड़के को कुछ भी बताने से रोकती रही ।
जिसे वो अपना भावी पति मान बैठी थी आज उसकी किसी और के साथ शादी थी ।
ये वक्त की बेवफाई नहीं थी तो क्या थी ?
शशि
वह सिर्फ टाइम पास बातें थी जो आई गई हो गई ।पर लड़की के कोरे हृदय परअमिट छाप छोड़ गईं ।लड़की की मर्यादा उसे इस सबसे बेखबर लड़के को कुछ भी बताने से रोकती रही ।
जिसे वो अपना भावी पति मान बैठी थी आज उसकी किसी और के साथ शादी थी ।
ये वक्त की बेवफाई नहीं थी तो क्या थी ?
शशि
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