" बहुत आभारी हूँ विधायक जी ! आपने मुझे प्रोन्नत कर ऊँचे ओहदे के लायक समझा । मैं आपको कतई निराश नहीं करूँगा ।"
" हम्म । यही उम्मीद थी । जाओ और सबसे पहले पुल निर्माण वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दो ।"
" ये नहीं हो सकता सर ! लाखों जिंदगियों का सवाल है ।"
" ठीक है । फिर अपनी वापसी भी तय समझिये ।"
( शशि )
" हम्म । यही उम्मीद थी । जाओ और सबसे पहले पुल निर्माण वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दो ।"
" ये नहीं हो सकता सर ! लाखों जिंदगियों का सवाल है ।"
" ठीक है । फिर अपनी वापसी भी तय समझिये ।"
( शशि )
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