Wednesday, July 22, 2015

उड़नपरी ( लघुकथा 60 )

" हे भगवान् ! ये कैसी लड़की पसंद की तूने ? जरा भी हया नहीं , भला कोई लड़के वालों को निकर पहनी तस्वीर भेजता है क्या ।"

" माँ ! कपड़े कैसे पहने हैं ? इससे लड़की का चरित्र निर्धारित नहीं होता ।मैंने आपको पहले ही बता दिया था , उषा एथलेटिक्स है ।उसने जीवन में चट्टानी चुनौतियों को रौंद , उड़नपरी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है , और आप हैं कि उसकी निकर देख रही हैं , आसमान छूते हाथ नहीं ।"
शशि

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