Thursday, September 24, 2015

सत्य ( लघुकथा 79 )


सत्य ( लघुकथा )
चित्र आधारित प्रतियोगिता से बाहर

" आपकी कल्पना - शक्ति और लेखन - कौशल को परखने के लिए जो चित्र मैंने आपको दिया था , उस पर सभी के विचारों का आधार एक ही देखकर , मैं बहुत हैरान हूँ ।जानना चाहता हूँ कि क्या सार्वजनिक वाहन में सवार हर लड़का आवारा और हर लड़की अबला ही होती है ? " अध्यापक ने लड़कियों की कक्षा में प्रश्न किया ।
" सर , आप ही तो कहते हैं , सत्य सौ बार भी बोला जाये तो भी उसकी ध्वनि एक ही होती है । "
शशि बंसल
भोपाल ।

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